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Key Points From Daily Sakar Vaani and Avyakt Vaani – In Hindi and English

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Tag: Sakar Vaani

Key Points From Daily Murli – 6th March 2025

 “मीठे बच्चे – जैसे तुम आत्माओं को यह शरीर रूपी सिंहासन मिला है, ऐसे बाप भी इस दादा के सिंहासन पर विराजमान हैं, उन्हें अपना सिंहासन नहीं“   1.     “यह आकाश तत्व तो है जीव आत्माओं का सिंहासन। आत्माओं का Read more…


Key Points From Daily Murli – 5th March 2025

 1.     “माया तुमसे जो छी–छी कर्म करायेगी वह कर्म जरूर विकर्म बनेगा। पहले नम्बर में जो कहते हैं ईश्वर सर्वव्यापी है, यह भी माया ने कहलाया ना। माया तुमसे हर बात में विकर्म ही करायेगी। कर्म–अकर्म–विकर्म का राज़ भी समझाया Read more…


Key Points From Daily Murli – 4th March 2025

“मीठे बच्चे – जिन्होंने शुरू से भक्ति की है, 84 जन्म लिए हैं, वह तुम्हारे ज्ञान को बड़ी रूचि से सुनेंगे, इशारे से समझ जायेंगे“   “प्रश्नः– देवी–देवता घराने के नजदीक वाली आत्मा है या दूर वाली, उसकी परख क्या Read more…


Key Points From Daily Murli – 3rd March 2025

 1.     “यह भी बच्चों को समझाया है तुम जब ऊपर से आते हो तो वाया सूक्ष्मवतन से नहीं आते हो। अभी वाया सूक्ष्मवतन होकर जाना है। सूक्ष्मवतन बाबा अभी ही दिखाते हैं।”   2.    “तुम जानते हो हम ही पूज्य Read more…


Key Points From Daily Murli – 2nd March 2025

 1.     “आज बापदादा हर एक बच्चे के मस्तक में तीन भाग्य के सितारे चमकते हुए देख रहे हैं। एक परमात्म पालना का भाग्य, परमात्म पढ़ाई का भाग्य, परमात्म वरदानों का भाग्य। ऐसे तीन सितारे सभी के मस्तक बीच देख रहे Read more…


Key Points From Daily Murli – 1st March 2025

 “प्रश्नः– याद की यात्रा को दूसरा कौन–सा नाम देंगे? उत्तर:- याद की यात्रा प्रीत की यात्रा है। विपरीत बुद्धि वाले से नाम–रूप में फँसने की बदबू आती है। उनकी बुद्धि तमोप्रधान हो जाती है। जिनकी प्रीत एक बाप से है Read more…


February 2025 – Key Points from Daily Murli

 01/02/2025 “मीठे बच्चे – तुम आत्माओं का स्वधर्म शान्ति है, तुम्हारा देश शान्तिधाम है, तुम आत्मा शान्त स्वरूप हो इसलिए तुम शान्ति मांग नहीं सकते” प्रश्नः– तुम्हारा योगबल कौन–सी कमाल करता है? उत्तर:- योगबल से तुम सारी दुनिया को पवित्र Read more…


Key Points From Daily Murli – 28th February 2025

 1.     “ओम् का अर्थ ही है अहम्, मैं आत्मा। मनुष्य फिर समझते ओम् माना भगवान, परन्तु ऐसे है नहीं। ओम् माना मैं आत्मा, मेरा यह शरीर है। कहते हैं ना – ओम् शान्ति। अहम् आत्मा का स्वधर्म है शान्त। आत्मा Read more…


Key Points From Daily Murli – 27th February 2025

 “मीठे बच्चे – सत का संग ज्ञान मार्ग में ही होता है, अभी तुम सत बाप के संग में बैठे हो, बाप की याद में रहना माना सतसंग करना“   “प्रश्नः– सतसंग की आवश्यकता तुम बच्चों को अभी ही है Read more…


Key Points From Daily Murli – 26th February 2025

 “प्रश्नः– ड्रामा का कौन–सा राज़ अति सूक्ष्म समझने का है? उत्तर:- यह ड्रामा जूँ मिसल चलता रहता है, टिक–टिक होती रहती है। जिसकी जो एक्ट चली वह फिर हूबहू 5 हज़ार वर्ष के बाद रिपीट होगी, यह राज़ बहुत सूक्ष्म Read more…


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