1. “हर एक बच्चे के तीन राज तख्त देख रहे हैं। यह तीन तख्त सारे कल्प में इस संगम पर ही आप बच्चों को प्राप्त होते हैं। दिखाई दे रहे हैं तीन तख्त? एक तो यह भ्रकुटी रूपी तख्त, जिस Read more…
“प्रश्नः– तुम बच्चों का सहज पुरूषार्थ क्या है? उत्तर:- बाप कहते हैं तुम बिल्कुल चुप रहो, चुप रहने से ही बाप का वर्सा ले लेंगे। बाप को याद करना है, सृष्टि चक्र को फिराना है। बाप की याद से तुम्हारे Read more…
“प्रश्नः– अभी तुम बच्चों का मुख्य पुरूषार्थ क्या है? उत्तर:- तुम सजाओं से छूटने का ही पुरूषार्थ करते रहते हो। उसके लिए मुख्य है याद की यात्रा, जिससे ही विकर्म विनाश होते हैं। तुम प्यार से याद करो तो बहुत Read more…
“प्रश्नः– जो बाप की याद में रहते हैं, उनकी निशानी क्या होगी? उत्तर:- याद में रहने वालों में अच्छे गुण होंगे। वह पवित्र होते जायेंगे। रॉयल्टी आती जायेगी। आपस में मीठा क्षीरखण्ड होकर रहेंगे, दूसरों को न देख स्वयं को Read more…
“प्रश्नः– सजाओं से छूटने के लिए कौन–सा पुरूषार्थ बहुत समय का चाहिए? उत्तर:- नष्टोमोहा बनने का। किसी में भी ममत्व न हो। अपने दिल से पूछना है – हमारा किसी में मोह तो नहीं है? कोई भी पुराना सम्बन्ध अन्त Read more…
“प्रश्नः– इस युद्ध के मैदान में माया सबसे पहला वार किस बात पर करती है? उत्तर:- निश्चय पर। चलते–चलते निश्चय तोड़ देती है इसलिए हार खा लेते हैं। यदि पक्का निश्चय रहे कि बाप जो सबका दु:ख हरकर सुख देने Read more…
“प्रश्नः– जो सतोप्रधान पुरूषार्थी हैं उनकी निशानी क्या होगी? उत्तर:- वह औरों को भी आप समान बनायेंगे। वह बहुतों का कल्याण करते रहेंगे। ज्ञान धन से झोली भरकर दान करेंगे। 21 जन्मों के लिए वर्सा लेंगे और दूसरों को भी Read more…
1. “तो इमर्ज करो कितने खजाने बापदादा ने दिये हैं। सबसे पहला खजाना है।” 2. “ज्ञान धन अर्थात् समझदार बन, त्रिकालदर्शी बन कर्म करना। नॉलेजफुल बनना। फुल नॉलेज और तीनों कालों की नॉलेज को समझ ज्ञान धन को कार्य Read more…
“प्रश्नः– देही–अभिमानी बनने की मेहनत कौन कर सकते हैं? देही–अभिमानी की निशानियाँ सुनाओ? उत्तर:- जिनका पढ़ाई से और बाप से अटूट प्यार है वह देही–अभिमानी बनने की मेहनत कर सकते हैं। वह शीतल होंगे, किसी से भी अधिक बात नहीं Read more…
“प्रश्नः– देही–अभिमानी बनने की मेहनत कौन कर सकते हैं? देही–अभिमानी की निशानियाँ सुनाओ? उत्तर:- जिनका पढ़ाई से और बाप से अटूट प्यार है वह देही–अभिमानी बनने की मेहनत कर सकते हैं। वह शीतल होंगे, किसी से भी अधिक बात नहीं Read more…