1. “रूहानी फ़खुर में रहते हो इसलिए बेफिक्र बादशाह हो। सवेरे उठते हैं तो भी बेफिक्र, चलते फिरते, कर्म करते भी बेफिक्र और सोते हो तो भी बेफिक्र नींद में सोते हो। ऐसे अनुभव करते हो ना!” 2. “बेफिक्र Read more…
1. “वाह भाग्य विधाता! और वाह मेरा भाग्य! इस श्रेष्ठ भाग्य की विशेषता यही है – एक भगवान द्वारा तीन सम्बन्ध की प्राप्ति है। एक द्वारा एक में तीन सम्बन्ध, जो जीवन में विशेष सम्बन्ध गाये हुए हैं – बाप, Read more…
1. “हर एक के दिल में “मेरा बाबा” इसी स्नेह का गीत बज रहा है। स्नेह ही इस देह और देह के सम्बन्ध से न्यारा बना रहा है। स्नेह ही मायाजीत बना रहा है। जहाँ दिल का स्नेह है वहाँ Read more…
1. “हर एक बच्चे के तीन राज तख्त देख रहे हैं। यह तीन तख्त सारे कल्प में इस संगम पर ही आप बच्चों को प्राप्त होते हैं। दिखाई दे रहे हैं तीन तख्त? एक तो यह भ्रकुटी रूपी तख्त, जिस Read more…
1. “तो इमर्ज करो कितने खजाने बापदादा ने दिये हैं। सबसे पहला खजाना है।” 2. “ज्ञान धन अर्थात् समझदार बन, त्रिकालदर्शी बन कर्म करना। नॉलेजफुल बनना। फुल नॉलेज और तीनों कालों की नॉलेज को समझ ज्ञान धन को कार्य Read more…
1. “आज बापदादा हर एक बच्चे के मस्तक में तीन भाग्य के सितारे चमकते हुए देख रहे हैं। एक परमात्म पालना का भाग्य, परमात्म पढ़ाई का भाग्य, परमात्म वरदानों का भाग्य। ऐसे तीन सितारे सभी के मस्तक बीच देख रहे Read more…
1. “देह–अभिमान सभी विकारों का बीज है।” 2. “सर्व समर्पित होने में यह देह भान का मैं–पन ही रूकावट डालता है। कॉमन मैं–पन, मैं देह हूँ, वा देह के सम्बन्ध का मैं–पन, देह के पदार्थों का समर्पण यह तो Read more…
1. “आज चारों ओर के सर्व श्रेष्ठ बच्चों को देख रहे हैं। हर एक बच्चा पूर्वज भी है और पूज्य भी है इसलिए इस कल्प वृक्ष के आप सभी जड़ हैं, तना भी हैं। तना का कनेक्शन सारे वृक्ष के Read more…
1. “ब्रह्मा बाप ने निमित्त बच्चों को विश्व सेवा की जिम्मेवारी का ताज पहनाया। स्वयं अननोन बनें और बच्चों को साकार स्वरूप में निमित्त बनाने का, स्मृति का तिलक दिया। स्वयं समान अव्यक्त फरिश्ते स्वरूप का, प्रकाश का ताज पहनाया। Read more…
1. “मन्सा द्वारा शक्ति स्वरूप बनाओ। महादानी बन मन्सा द्वारा, वायब्रेशन द्वारा निरन्तर शक्तियों का अनुभव कराओ। वाचा द्वारा ज्ञान दान दो, कर्म द्वारा गुणों का दान दो। सारा दिन चाहे मन्सा, चाहे वाचा, चाहे कर्म तीनों द्वारा अखण्ड महादानी Read more…