“मीठे बच्चे – जैसे तुम आत्माओं को यह शरीर रूपी सिंहासन मिला है, ऐसे बाप भी इस दादा के सिंहासन पर विराजमान हैं, उन्हें अपना सिंहासन नहीं“ 1. “यह आकाश तत्व तो है जीव आत्माओं का सिंहासन। आत्माओं का Read more…
1. “माया तुमसे जो छी–छी कर्म करायेगी वह कर्म जरूर विकर्म बनेगा। पहले नम्बर में जो कहते हैं ईश्वर सर्वव्यापी है, यह भी माया ने कहलाया ना। माया तुमसे हर बात में विकर्म ही करायेगी। कर्म–अकर्म–विकर्म का राज़ भी समझाया Read more…
“मीठे बच्चे – जिन्होंने शुरू से भक्ति की है, 84 जन्म लिए हैं, वह तुम्हारे ज्ञान को बड़ी रूचि से सुनेंगे, इशारे से समझ जायेंगे“ “प्रश्नः– देवी–देवता घराने के नजदीक वाली आत्मा है या दूर वाली, उसकी परख क्या Read more…
1. “यह भी बच्चों को समझाया है तुम जब ऊपर से आते हो तो वाया सूक्ष्मवतन से नहीं आते हो। अभी वाया सूक्ष्मवतन होकर जाना है। सूक्ष्मवतन बाबा अभी ही दिखाते हैं।” 2. “तुम जानते हो हम ही पूज्य Read more…
“प्रश्नः– याद की यात्रा को दूसरा कौन–सा नाम देंगे? उत्तर:- याद की यात्रा प्रीत की यात्रा है। विपरीत बुद्धि वाले से नाम–रूप में फँसने की बदबू आती है। उनकी बुद्धि तमोप्रधान हो जाती है। जिनकी प्रीत एक बाप से है Read more…
01/02/2025 “मीठे बच्चे – तुम आत्माओं का स्वधर्म शान्ति है, तुम्हारा देश शान्तिधाम है, तुम आत्मा शान्त स्वरूप हो इसलिए तुम शान्ति मांग नहीं सकते” प्रश्नः– तुम्हारा योगबल कौन–सी कमाल करता है? उत्तर:- योगबल से तुम सारी दुनिया को पवित्र Read more…
1. “ओम् का अर्थ ही है अहम्, मैं आत्मा। मनुष्य फिर समझते ओम् माना भगवान, परन्तु ऐसे है नहीं। ओम् माना मैं आत्मा, मेरा यह शरीर है। कहते हैं ना – ओम् शान्ति। अहम् आत्मा का स्वधर्म है शान्त। आत्मा Read more…
“मीठे बच्चे – सत का संग ज्ञान मार्ग में ही होता है, अभी तुम सत बाप के संग में बैठे हो, बाप की याद में रहना माना सतसंग करना“ “प्रश्नः– सतसंग की आवश्यकता तुम बच्चों को अभी ही है Read more…
“प्रश्नः– ड्रामा का कौन–सा राज़ अति सूक्ष्म समझने का है? उत्तर:- यह ड्रामा जूँ मिसल चलता रहता है, टिक–टिक होती रहती है। जिसकी जो एक्ट चली वह फिर हूबहू 5 हज़ार वर्ष के बाद रिपीट होगी, यह राज़ बहुत सूक्ष्म Read more…
“प्रश्नः– जिन बच्चों को स्वर्ग का मालिक बनने की खुशी है उनकी निशानी क्या होगी? उत्तर:- उनके अन्दर किसी भी प्रकार का दु:ख नहीं आ सकता। उन्हें नशा रहेगा कि हम तो बहुत बड़े आदमी हैं, हमें बेहद का बाप Read more…