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Key Points From Daily Sakar Vaani and Avyakt Vaani – In Hindi and English

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Category: Sakar Vaani – Key Points in Hindi and English

21st April 2025

1. “प्रश्नः- सबसे बड़ा आसुरी स्वभाव कौन-सा है, जो तुम बच्चों में नहीं होना चाहिए? उत्तर:- अशान्ति फैलाना, यह है सबसे बड़ा आसुरी स्वभाव। अशान्ति फैलाने वाले से मनुष्य तंग हो जाते हैं। वह जहाँ जायेंगे वहाँ अशान्ति फैला देंगे Read more…


19th April 2025

1. “बाप में ताकत है, बच्चों को रावण पर जीत पाने की युक्ति बतलाते हैं इसलिए उनको कहा भी जाता है सर्वशक्तिमान्। तुम भी शक्ति सेना हो ना। तुम अपने को भी ऑलमाइटी कहेंगे। बाप में जो माइट है वह Read more…


18th April 2025

“प्रश्नः- माया का श्राप क्यों लगता है? श्रापित आत्मा की गति क्या होगी? उत्तर:- 1. बाप और पढ़ाई का (ज्ञान रत्नों का) निरादर करने से, अपनी मत पर चलने से माया का श्राप लग जाता है, 2. आसुरी चलन है, Read more…


17th April 2025

1. “आत्मा और शरीर दो चीज़ें हैं। आत्मा एक स्टॉर है और बहुत सूक्ष्म है। उनको कोई देख नहीं सकते। तो यहाँ जब आकर बैठते हैं तो देही-अभिमानी होकर बैठना है। यह भी एक हॉस्पिटल है ना – आधाकल्प के Read more…


16th April 2025

1. “प्रश्नः- अपना कल्याण करने के लिए किन दो बातों का पोतामेल रोज़ देखना चाहिए? उत्तर:- “योग और चलन” का पोतामेल रोज़ देखो। चेक करो कोई डिस-सर्विस तो नहीं की? सदैव अपनी दिल से पूछो हम कितना बाप को याद Read more…


15th April 2025

1. “इस याद करने में ही माया के विघ्न पड़ते हैं।” “It is only in this remembrance that the obstacles of Maya come.” 2. “मूलवतन है मनमनाभव, अमरपुरी है मध्याजी भव। हर एक बात में दो अक्षर ही आते हैं।” Read more…


14th April 2025

1. “यह बच्चों को अपनी पहचान मिलती है। बाप भी ऐसे कहते हैं, हम सभी आत्मायें हैं, सब मनुष्य ही हैं। बड़ा हो या छोटा हो, प्रेजीडेन्ट, राजा रानी सब मनुष्य हैं। अब बाप कहते हैं सभी आत्मायें हैं, मैं Read more…


12th April 2025

1. “प्रश्नः- किस सहज पुरूषार्थ से तुम बच्चों की दिल सब बातों से हटती जायेगी? उत्तर:- सिर्फ रूहानी धन्धे में लग जाओ, जितना-जितना रूहानी सर्विस करते रहेंगे उतना और सब बातों से स्वत: दिल हटती जायेगी। राजाई लेने के पुरूषार्थ Read more…


11th April 2025

1. “भक्ति मार्ग में दान-पुण्य तो करते हैं ना। कोई ने धर्मशाला बनाई, कोई ने हॉस्पिटल बनाई, बुद्धि में समझते हैं इनका फल दूसरे जन्म में मिलेगा। बिगर कोई आश, अनासक्त हो कोई करे – ऐसा होता नहीं है। बहुत Read more…


10th April 2025

1. “ऐसे समझ से याद करना है। पहले तो मैं आत्मा हूँ – यह पक्का करो फिर बाप का परिचय बुद्धि में अच्छी रीति धारण करो। अन्तर्मुखी बच्चे ही अच्छी रीति समझ सकते हैं कि हम आत्मा बिन्दी हैं। हमारी Read more…


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