1. “प्रश्नः- गोल्डन स्पून इन माउथ दो प्रकार से प्राप्त हो सकता है, कैसे? उत्तर:- एक भक्ति में दान-पुण्य करने से, दूसरा, ज्ञान में पढ़ाई से। भक्ति में दान-पुण्य करते हैं तो राजा या साहूकार के पास जन्म लेते हैं Read more…
1. “प्रश्नः- तुम्हारा ईश्वरीय कुटुम्ब किस बात में बिल्कुल ही निराला है? उत्तर:- इस ईश्वरीय कुटुम्ब में कोई एक रोज़ का बच्चा है, कोई 8 रोज़ का लेकिन सब पढ़ रहे हैं। बाप ही टीचर बनकर अपने बच्चों को पढ़ा Read more…
1. “तुम ब्राह्मणों का सारा मदार है साइलेन्स पर।” “Everything for you Brahmins depends on silence.” 2. “यह सिर्फ तुम बच्चे ही जानते हो, ब्राह्मण ही स्वदर्शन चक्रधारी बनते हैं। देवता कोई स्वदर्शन चक्रधारी कहला न सके। कितना रात दिन Read more…
1. “कहाँ भी बैठे हो, बाप को याद करो। माया के तूफान तो बहुत आयेंगे। कोई को क्या याद आयेगा, कोई को क्या। तूफान आयेंगे जरूर फिर उस समय उनको मिटाना पड़ता है कि न आयें। यहाँ बैठे-बैठे भी माया Read more…
1. “यह भी तुम बच्चे ही जानते हो जिसकी हम पूजा करते थे वह हमको पढ़ा रहे हैं। जिन लक्ष्मी-नारायण के हम पुजारी थे वह अभी हम खुद बन रहे हैं। यह ज्ञान बुद्धि में है। सिमरण करते रहो फिर Read more…
1. “मीठे बच्चे – जब तक जीना है तब तक पढ़ना और पढ़ाना है, खुशी और पद का आधार है पढ़ाई” “Sweet children, you have to study and teach others this study for as long as you live. The basis Read more…
1. “प्रश्नः- तुम बच्चे बाप से भी ऊंच हो, नीच नहीं – कैसे? उत्तर:- बाबा कहते – बच्चे, मैं विश्व का मालिक नहीं बनता, तुम्हें विश्व का मालिक बनाता हूँ तो ब्रह्माण्ड का भी मालिक बनाता हूँ। मैं ऊंच ते Read more…
1. “यह भारत स्वर्ग था। थोड़ा ही समय हुआ है। 1250 वर्ष तो सतयुग था और 1250 वर्ष रामराज्य चला। उस समय अथाह सुख था। सुख को याद कर रोमांच खड़े हो जाने चाहिए। सतयुग, त्रेता…… यह पास हो गये। Read more…
1. “प्रश्नः- तुम त्रिनेत्री बच्चे किस नॉलेज को जान कर त्रिकालदर्शी बन गये हो? उत्तर:- तुम्हें अभी सारे वर्ल्ड की हिस्ट्री-जॉग्राफी की नॉलेज मिली है, सतयुग से लेकर कलियुग अन्त तक की हिस्ट्री-जॉग्राफी तुम जानते हो। तुम्हें ज्ञान का तीसरा Read more…
1. “मीठे बच्चे – तुम्हारा मुख अभी स्वर्ग की तरफ है, तुम नर्क से किनारा कर स्वर्ग की तरफ जा रहे हो, इसलिए बुद्धि का योग नर्क से निकाल दो” “Sweet children, your faces are now towards heaven. You are Read more…