Title: ज्ञान | Knowledge “बापदादा ने रिजल्ट में चेक किया तो क्या देखा? ज्ञानी, योगी, धारणा स्वरुप, सेवाधारी, चार ही सब्जेक्ट में हर एक यथाशक्ति ज्ञानी भी है, योगी भी है, धारणा भी कर रहा है, सेवा भी कर Read more…
Title: सन्तुष्टता | Contentment “सन्तुष्टता सदा सर्व प्राप्ति सम्पन्न है क्योंकि जहाँ सन्तुष्टता है वहाँ अप्राप्त कोई वस्तु नहीं। सन्तुष्ट आत्मा में सन्तुष्टता का नेचुरल नेचर है। सन्तुष्टता की शक्ति स्वत: और सहज चारों ओर वायुमण्डल फैलाती है। उनका Read more…
“बापदादा ने पहले भी बताया है कि खजाने तो मिले लेकिन जमा करने की विधि क्या है? जो जितना निमित्त और निर्मान बनता है उतना ही खजाने जमा होते हैं। तो चेक करो – निमित्त और निर्मान बनने की विधि Read more…
“परमात्मा की डायरेक्ट रचना, पहली रचना आप पवित्र आत्माओं को ही प्राप्त होती है। जिससे आप ब्राह्मण ही विश्व की आत्माओं को भी मुक्ति का वर्सा बाप से दिलाते हो। तो यह सारे चक्कर में अनादि काल, आदि काल, मध्य Read more…
Avyakt Vaani Date: 18th January 2008 “जो आया है वह जाता भी है लेकिन जायेगा कैसे? स्नेह को याद करने से मेहनत चली जायेगी क्योंकि सभी को भिन्न–भिन्न समय पर बापदादा दोनों के स्नेह का अनुभव तो है। है Read more…
“आज सर्व खजानों के दाता, ज्ञान का खजाना, शक्तियों का खजाना, सर्व गुणों का खजाना, श्रेष्ठ संकल्पों का खजाना देने वाला बापदादा अपने चारों ओर के खजाने के बालक सो मालिक अधिकारी बच्चों को देख रहे हैं। अखण्ड खजानों के Read more…
“सत्यता की शक्ति सर्वश्रेष्ठ है। इस सत्यता की शक्ति का आधार है – सम्पूर्ण पवित्रता। मन–वचन–कर्म, सम्बन्ध–सम्पर्क, स्वप्न में भी अपवित्रता का नाम निशान न हो। ऐसी पवित्रता का प्रत्यक्ष स्वरूप क्या दिखाई देता? ऐसी पवित्र आत्मा के चलन और Read more…
“बापदादा भी हर एक बच्चे को विजयी रत्न देख हर्षित होते हैं क्योंकि हिम्मते बच्चे मददे बाप है इसलिए दुनिया के लिए जो असम्भव बातें हैं वह आपके लिए सहज और सम्भव हो गई हैं। फ़खुर रहता है कि हम Read more…