Waah Drama Waah! Waah Baba Waah!

Key Points From Daily Sakar Vaani and Avyakt Vaani – In Hindi and English

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Month: February 2026

28th February 2026

“आपस में बैठ राय करनी चाहिए कि इन प्रदर्शनी के चित्रों द्वारा हम ऐसी क्या एडवरटाइजमेंट करें, जो अखबार में भी चित्र दें, आपस में इस पर सेमीनार करना चाहिए।” “Sit and discuss among yourselves how you can advertise this Read more…


27th February 2026

Topic: Soul; Kalpa Tree   “अहम् आत्मा का स्वधर्म है शान्त। शान्तिधाम जाने के लिए कोई पुरुषार्थ नहीं करना पड़ता है। आत्मा स्वयं शान्त स्वरूप, शान्तिधाम में रहने वाली है। हाँ थोड़ा समय शान्त रह सकती है। आत्मा कहती है Read more…


26th February 2026

“21 जन्म तुम पवित्र बनते हो फिर विषय सागर में पड़ जाते हो। अभी ज्ञान का सागर बाप तुमको पतित से पावन बनाते हैं।” “You become pure for 21 births and you then fall into the ocean of poison. Now, Read more…


25th February 2026

Topic: Brahmin; Remembrance   “हम ब्राह्मण हैं, डाडे से वर्सा ले रहे हैं ब्रह्मा द्वारा इसलिए शिवबाबा कहते हैं जितना हो सके याद करते रहो।” “We are Brahmins and we are receiving our Grandfather’s inheritance through Brahma.”   “ब्राह्मण तो Read more…


24th February 2026

“योग अग्नि से पाप भस्म होंगे। गंगा स्नान से नहीं होंगे। बाबा कहते हैं माया ने तुमको फूल (मूर्ख) बना दिया है, अप्रैल फूल कहते हैं ना। अभी मैं तुमको लक्ष्मी–नारायण जैसा बनाने आया हूँ।” “Sins are burnt away in Read more…


How To Transcend Stress and Cultivate Inner Peace?

Stress, as we commonly experience it, is often the outward expression of an inner psychological conflict. In simple terms, stress arises when we attempt to control what lies beyond our control. It is deeply rooted in human thought, particularly in Read more…


23rd February 2026

Topic: Soul “मनुष्य देह–अभिमानी रहने के आदती हैं, देही–अभिमानी रहना भूल जाते हैं इसलिए बाप घड़ी–घड़ी कहते हैं देही–अभिमानी बनो। आत्मा ही भिन्न–भिन्न चोला लेकर पार्ट बजाती है। यह हैं उनके आरगन्स। अब बाप बच्चों को कहते हैं मनमनाभव।” “Human Read more…


22nd February 2026

“आज बापदादा चारों ओर के बच्चों के तीन रूप देख रहे हैं – जैसे बाप के तीन रूप जानते हो, ऐसे बच्चों के भी तीन रूप देख रहे हैं। जो इस संगमयुग का लक्ष्य और लक्षण है, पहला स्वरूप ब्राह्मण, Read more…


21st February 2026

“प्रश्नः–कौन सी खुराक तुम बच्चों को बाप समान बुद्धिवान बना देती है? उत्तर:-यह पढ़ाई है तुम बच्चों के बुद्धि की खुराक। जो रोज़ पढ़ाई पढ़ते हैं अर्थात् इस खुराक को लेते हैं उनकी बुद्धि पारस बन जाती है। पारसनाथ बाप Read more…


20th February 2026

“कुमारों ने भी सुना कि यह पाठशाला है। पाठशाला में कोई न कोई तकदीर बनाई जाती है। वहाँ तो अनेक प्रकार की तकदीर है। कोई सर्जन बनने की, कोई बैरिस्टर बनने की तकदीर बनाते हैं। तकदीर को एम–ऑब्जेक्ट कहा जाता Read more…


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