Waah Drama Waah! Waah Baba Waah!

Key Points From Daily Sakar Vaani and Avyakt Vaani – In Hindi and English

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Month: November 2025

4th November 2025

“बाप कहते हैं बहुत जन्मों के अन्त में मैं प्रवेश करता हूँ। दिखाते हैं विष्णु की नाभी से ब्रह्मा निकला। अच्छा विष्णु फिर किसकी नाभी से निकला? उसमें एरो का निशान दे सकते हो कि दोनों ओत–प्रोत हैं। ब्रह्मा सो Read more…


3rd November 2025

“तुम मूँझो नहीं। तुम बेपरवाह बादशाह हो। असुरों के विघ्न पड़ने ही हैं। यह है ही रूद्र ज्ञान यज्ञ। तो पहले–पहले बाप का परिचय देना है। बाप कहते हैं मनमनाभव। जितना पुरुषार्थ करेंगे उस अनुसार पद पायेंगे।” “You mustn’t become Read more…


2nd November 2025

“बापदादा भी हर एक बच्चे को विजयी रत्न देख हर्षित होते हैं क्योंकि हिम्मते बच्चे मददे बाप है इसलिए दुनिया के लिए जो असम्भव बातें हैं वह आपके लिए सहज और सम्भव हो गई हैं। फ़खुर रहता है कि हम Read more…


1st November 2025

“आत्मा को भी तुमने जाना है कि आत्मा क्या चीज़ है। दुनिया में तो एक भी मनुष्य नहीं, खास भारत आम दुनिया किसको भी पता नहीं कि आत्मा क्या चीज़ है। भल कहते हैं भ्रकुटी के बीच चमकता है अजब Read more…


31st October 2025

“तुम श्रीमत पर सबको रास्ता बताते हो। हर एक को समझाते हो – दो बाप हैं, एक हद का, दूसरा बेहद का। लौकिक बाप होते हुए भी सब पारलौकिक बाप को याद करते हैं परन्तु उनको जानते बिल्कुल नहीं हैं। Read more…


30th October 2025

“मीठेबच्चे – तुम्हें अभी बहुत–बहुत साधारण रहना है, फैशनेबुल ऊंचे कपड़े पहनने से भी देह–अभिमान आता है” “Sweet children, you now have to remain very, very simple. When you wear expensive, fashionable clothes, body consciousness comes.” “मीठे–मीठेबच्चों पास यह लक्ष्मी–नारायण Read more…


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