Waah Drama Waah! Waah Baba Waah!

Key Points From Daily Sakar Vaani and Avyakt Vaani – In Hindi and English

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Month: December 2025

आत्म-अभिमानी, देही-अभिमानी, विदेही और अशरीरी स्तिथि में अंतर | Two Types of Soul-Consciousness | Two Types of Bodilessness | Hindi | BK Usha Didi

Video Title: आत्म-अभिमानी, देही-अभिमानी, विदेही और अशरीरी स्तिथि में अंतर | Two Types of Soul-Consciousness | Two Types of Bodilessness | Hindi Speaker: BK Usha Didi Link to the Video: https://youtu.be/Jm2-uU3e-bk


14th December 2025

“बापदादा जानते हैं जैसे–जैसे समय समीप आ रहा है उसी प्रमाण हर एक बच्चे के दिल में यह संकल्प, यह उमंग–उत्साह है कि अभी कुछ करना ही है क्योंकि देख रहे हो कि आज की तीनों सत्तायें अति हलचल में Read more…


13th December 2025

“तुम सबको ईश्वर का बनाते हो। समझाते हो वह हम आत्माओं का बेहद का बाप है। उनसे बेहद का वर्सा मिलेगा। जैसे लौकिक बाप को याद किया जाता है, उनसे भी जास्ती पारलौकिक बाप को याद करना पड़े। लौकिक बाप Read more…


12th December 2025

“बाप कहते हैं यह भी पूजा करते थे ना। सारी दुनिया इस समय पुजारी है। नई दुनिया में एक ही पूज्य देवी–देवता धर्म रहता है। बच्चों को स्मृति में आया बरोबर ड्रामा के प्लैन अनुसार यह बिल्कुल राइट है। गीता Read more…


11th December 2025

“प्रश्नः–तुम बच्चे किस नॉलेज को समझने के कारण बेहद का संन्यास करते हो? उत्तर:-तुम्हें ड्रामा की यथार्थ नॉलेज है, तुम जानते हो ड्रामानुसार अब इस सारे मृत्युलोक को भस्मीभूत होना है। अभी यह दुनिया वर्थ नाट ए पेनी बन गई Read more…


10th December 2025

“प्रश्नः–संगमयुग पर किन दो बातों की मेहनत करने से सतयुगी तख्त के मालिक बन जायेंगे? उत्तर:-1-दु:ख–सुख, निंदा–स्तुति में समान स्थिति रहे – यह मेहनत करो। कोई भी कुछ उल्टा–सुल्टा बोले, क्रोध करे तो तुम चुप हो जाओ, कभी भी मुख Read more…


9th December 2025

“आत्माओं ने यह शान्ति और सुख का वर्सा कल्प पहले भी पाया था। अब फिर यह वर्सा रिपीट हो रहा है। रिपीट हो तब सृष्टि का चक्र भी फिर से रिपीट हो। रिपीट तो सब होता है ना। जो कुछ Read more…


8th December 2025

“बाप कहते हैं – बच्चे, सर्विसएबुल बनो, बाबा को फालो करो क्योंकि मैं भी तो सर्विस करता हूँ ना। आया ही हूँ सर्विस करने के लिए और रोज़–रोज़ सर्विस करता हूँ क्योंकि रथ भी तो लिया है ना। रथ भी Read more…


7th December 2025

“परमात्मा की डायरेक्ट रचना, पहली रचना आप पवित्र आत्माओं को ही प्राप्त होती है। जिससे आप ब्राह्मण ही विश्व की आत्माओं को भी मुक्ति का वर्सा बाप से दिलाते हो। तो यह सारे चक्कर में अनादि काल, आदि काल, मध्य Read more…


6th December 2025

“जैसे मोटर से पेट्रोल खत्म होने पर फिर भरा जाता है ना। अभी तुम्हारी आत्मा समझती है – हमारे में पेट्रोल कैसे भरेगा! बैटरी खाली होती है फिर उनमें पावर भरी जाती है ना। बैटरी खाली होती है तो लाइट Read more…


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