Waah Drama Waah! Waah Baba Waah!

Key Points From Daily Sakar Vaani and Avyakt Vaani – In Hindi and English

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Month: December 2025

24th December 2025

“अविनाशी ज्ञान रत्नों का दान ही महादान है, इस दान से ही राजाई प्राप्त होती है इसलिए महादानी बनो” “the donation of the imperishable jewels of this knowledge is the greatest donation. It is through this donation that you receive Read more…


23rd December 2025

“मीठे बच्चे – जो संकल्प ईश्वरीय सेवा अर्थ चलता है, उसे शुद्ध संकल्प वा निरसंकल्प ही कहेंगे, व्यर्थ नहीं” “Sweet children, your thoughts for Godly service are called pure thoughts or being free from thoughts, they are not wasteful.”   Read more…


22nd December 2025

“प्रश्नः–बाप को गरीब–निवाज़ क्यों कहा गया है? उत्तर:-क्योंकि इस समय जब सारी दुनिया गरीब अर्थात् दु:खी बन गई है तब बाप आये हैं सबको दु:ख से छुड़ाने। बाकी किस पर तरस खाकर कपड़े दे देना, पैसा दे देना वह कोई Read more…


21st December 2025

“यह परमात्म स्नेह बाप समान अशरीरी सहज बना देता है। व्यक्त भाव से परे अव्यक्त स्थिति में अव्यक्त स्वरूप में स्थित कर देता है।” “This love of God easily makes you bodiless, the same as the Father. It takes you Read more…


20th December 2025

“तुम जानते हो यह लक्ष्मी–नारायण अपने पूर्व जन्म में सीख–कर फिर मनुष्य से देवता बनें। इस पढ़ाई से यह राजधानी स्थापन हो रही है। पढ़ाई से कितना ऊंच पद मिलता है। वन्डर है ना।” “You know that Lakshmi and Narayan Read more…


19th December 2025

“इस समय तुमको समझाता हूँ – अब वापिस घर जाना है। तुम पहले सतोप्रधान थे, सतो–रजो–तमो में तुमने पूरे 84 जन्म लिए हैं। उसमें भी नम्बरवन यह (ब्रह्मा) है। औरों के 83 जन्म भी हो सकते हैं इनके लिए पूरे Read more…


18th December 2025

“अभी तुमको एक बाप को ही याद करना है। बाबा आप कितने मीठे हैं, कितना मीठा वर्सा आप देते हैं। हमको मनुष्य से देवता, मन्दिर लायक बनाते हो। ऐसे–ऐसे अपने से बातें करनी हैं। मुख से कुछ बोलना नहीं है। Read more…


17th December 2025

“प्रश्नः–डबल अहिंसक बनने वाले बच्चों को कौन सा ध्यान रखना है? उत्तर:-1. ध्यान रखना है कि ऐसी कोई वाचा मुख से न निकले जिससे किसी को भी दु:ख हो क्योंकि वाचा से दु:ख देना भी हिंसा है। 2. हम देवता Read more…


16th December 2025

“अब बाप शान्ति–धाम–सुखधाम में ले जाते हैं। इनको कहा जाता है टॉवर ऑफ साइलेन्स अर्थात् साइलेन्स की ऊंचाई, जहाँ आत्मायें निवास करती हैं वह है टॉवर ऑफ साइलेन्स। सूक्ष्मवतन है मूवी, उसका सिर्फ तुम साक्षात्कार करते हो, बाकी उनमें कुछ Read more…


15th December 2025

“कहते हैं मैं तुम रूहों को रूहानी ड्रिल सिखलाता हूँ। वह सब जिस्मानी बच्चों को जिस्मानी ड्रिल सिखलाते हैं। उन्हों को ड्रिल आदि भी शरीर से ही करनी होती है। इसमें तो शरीर की कोई बात ही नहीं। बाप कहते Read more…


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