23rd October 2026
Other Topic(s): Land of Peace; Heaven; (1) मीठे बच्चे – ब्लड कनेक्शन में ही दु:ख है, तुम्हें उसका त्याग कर आपस में आत्मिक लव रखना है, यही सुख और आनंद का आधार है Sweet children, there is sorrow in blood…
Read article →Other Topic(s): Land of Peace; Heaven; (1) मीठे बच्चे – ब्लड कनेक्शन में ही दु:ख है, तुम्हें उसका त्याग कर आपस में आत्मिक लव रखना है, यही सुख और आनंद का आधार है Sweet children, there is sorrow in blood…
Read article →Other Topic(s): Meaning of परम्-आत्मा (Supreme Soul) (1) अहम् आत्मा का स्वधर्म है शान्त। शान्तिधाम में जाने के लिए कोई पुरुषार्थ नहीं करना पड़ता है। आत्मा स्वयं शान्त स्वरूप, शान्तिधाम में रहने वाली है। यहाँ थोड़े समय के लिए शान्त…
Read article →(1) रूहानी बाप को रूहानी बच्चों ने कहा – बाबा। उनको ईश्वर भी कहा जाता, पिता भी कहा जाता। कौन सा पिता? परमपिता। बाप हैं दो। एक लौकिक दूसरा पारलौकिक। लौकिक बाप के बच्चे पारलौकिक बाप को पुकारते हैं। हे…
Read article →(1) बाप अर्थात् परमात्मा बैठ समझा रहे हैं। रूहानी बाप को परमात्मा कहा जाता है। सभी आत्माओं का बाप एक परमपिता परमात्मा है। वह बैठ ब्रह्मा तन द्वारा समझाते हैं। भक्तिमार्ग में मनुष्य कहते हैं त्रिमूर्ति ब्रह्मा। अभी तुम ब्राह्मण…
Read article →(1) प्रजापिता ब्रह्मा है तो जरूर रचता है, एडाप्ट करते हैं। तुम कुख वंशावली नहीं हो, मुख वंशावली हो। तो मनुष्य कुख वंशावली और मुख वंशावली का अर्थ भी नहीं जानते। मुख वंशावली अर्थात् एडाप्टेड बच्चे। कुख वंशावली अर्थात् जन्म…
Read article →(1) बच्चों ने बुलाया, बाप ने रेसपान्ड किया – प्रैक्टिकल में बच्चे क्या कहते हैं कि बाबा आप फिर से रावण राज्य में आ जाओ। अक्षर भी है ना – फिर से माया का परछाया पड़ा है। माया कहा जाता…
Read article →(1) ओम् शान्ति का अर्थ तो रूहानी बाप ने समझाया है। ओम् माना अहम् आत्मा हूँ और मेरा शरीर है। आत्मा तो देखने में नहीं आती है। यह समझ में आता है – मैं आत्मा हूँ, यह मेरा शरीर है।…
Read article →(1) बाप समझाते हैं मनमनाभव, इसमें कहने की भी दरकार नहीं। सिर्फ समझाया जाता है कि अपने को आत्मा समझो। देही-अभिमानी भव। भव का अर्थ ही है कि तुम बाप को याद करो तो एवरहेल्दी बन जायेंगे। The Father says:…
Read article →Other Topic(s): Creation and Destruction (1) रूहानी बच्चों को रूहानी बाप बैठ समझाते हैं इसलिए बच्चों को आत्म-अभिमानी हो बैठना है। ऐसा और कोई जगह समझाया नहीं जाता। कोई भी साधू-सन्त ऐसे नहीं समझाते कि आत्म-अभिमानी हो बैठो। यह एक…
Read article →(1) तुम सूक्ष्मवतन में जाते हो। पवित्र बन फिर फरिश्ते बन जाते हो, साक्षात्कार करते हैं। बच्चे आकर सुनाते हैं वहाँ मूवी चलती है। वह है ही मूवी वर्ल्ड, तुमने मूवी बाइसकोप भी देखा था। अभी प्रैक्टिकल सब बातों को…
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