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Category: तीन वतन | Three Realms

18th August 2026

(1) त्रिमूर्ति भी बड़ा क्लीयर है। ऊपर में शिव भी है। ब्रह्मा, विष्णु, शंकर भी है, सूक्ष्मवतन वासी फिर ऊंच ते ऊंच है भगवान। बच्चे भी समझते हैं जहाँ बाप रहते हैं वह है हम आत्माओं के रहने का स्थान,…

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16th June 2026

 “पावन दुनिया है ही शान्तिधाम और सुखधाम। अब सुखधाम और दु:खधाम आधा–आधा है।” “The pure worlds are the land of peace and the land of happiness. There is the land of happiness and the land of sorrow, for each half…

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12th June 2026

“ओम् शान्ति। यह किसने कहा? दो बार कहते हैं ओम् शान्ति, ओम् शान्ति। एक शिवबाबा ने कहा, एक ब्रह्मा बाबा ने। यह बापदादा इकट्ठे हैं। तो दोनों को बोलना पड़े ओम् शान्ति, ओम् शान्ति। अब पहले किसने कहा? बाद में…

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