“योग ही मुख्य है।” “Yoga is the main thing.” “शिवबाबा तुम बच्चों को याद करते हैं, ब्रह्मा बाबा याद नहीं करते हैं। शिवबाबा जानते हैं हमारे सपूत बच्चे कौन–कौन हैं। सर्विसएबुल सपूत बच्चों को तो याद करते हैं। यह Read more…
“बहुत हैं जिन्होंने कसम खाया हुआ है हम श्रीमत पर नहीं चलेंगे। वह छिपे नहीं रहते। कोई की तकदीर में नहीं है तो देह–अभिमान पहले थप्पड़ लगाता है फिर है काम। काम नहीं तो क्रोध, लोभ है। हैं तो सभी Read more…
Topic(s): Yagya “यह राजस्व अश्वमेध अविनाशी रूद्र ज्ञान यज्ञ है। इसका क्रियेटर है मात पिता, ततत्वम्। तुम भी यज्ञ के क्रियेटर हो। तुम सब बच्चों को इस यज्ञ की बड़ी सम्भाल करनी है। यज्ञ के लिए बहुत रिस्पेक्ट रहना Read more…
Topic(s): Remembrance; “यह तो तुम जानते हो कि आत्मा में ही पाप हैं। पुण्य भी आत्मा में हैं। आत्मा ही पावन, आत्मा ही पतित बनती है। यहाँ सब आत्मायें पतित हैं। पापों के दाग लगे हुए हैं इसलिए पाप Read more…
Sakar Vaani - Key Points in Hindi and English, ज्ञान | Knowledge, परमात्मा | शिव बाबा | Supreme Soul | Shiv Baba
Topic(s): ज्ञान और अज्ञान | Knowledge and Ignorance; शिव और शंकर | Shiv and Shankar “बाप को नहीं जानना यह हुआ अज्ञान। बाप को बाप द्वारा जानना इसको कहा जाता है ज्ञान। बाप ज्ञान का तीसरा नेत्र देते हैं, Read more…
“झाड़ वृद्धि को पाना ही है। यहाँ तो यह सारा कनेक्शन है। मीठे दैवी झाड़ का जो होगा वह निकल आयेगा।” “The tree has to grow. Here, all of this is connected. Those who belong to this sweet deity tree Read more…
Sakar Vaani - Key Points in Hindi and English, पवित्रता | Purity, पाँच तत्व | Five Elements, प्रकृति | Prakriti, मातेश्वरी जी | Mateshwari ji
“भल मनुष्य गीता पढ़ते हैं परन्तु उससे समझते कुछ नहीं। सबसे जास्ती बाबा को अभ्यास था। एक दिन भी गीता पढ़ना मिस नहीं करते थे। जब मालूम पड़ा गीता का भगवान शिव है, नशा चढ़ गया हम तो विश्व के Read more…
Sakar Vaani - Key Points in Hindi and English, पवित्रता | Purity, मातेश्वरी जी | Mateshwari ji, माया | Maya
“बाप कहते हैं हे बच्चे, तो बच्चे होकर यहाँ मधुबन में नहीं बैठ जाना है। तुम अपने गृहस्थ व्यवहार में रहते कमल फूल समान पवित्र रहो। कमल का फूल पानी में रहता है परन्तु पानी से ऊपर रहता है। उन Read more…
Advanced, Sakar Vaani - Key Points in Hindi and English, ज्ञान | Knowledge, ड्रामा | Drama, पुरुषार्थ | Effort, याद | Remembrance, श्रीमत | Shrimat, सृष्टि चक्र | World Cycle
“पहले–पहले बच्चों को सावधानी मिलती है – बाप को याद करो और वर्से को याद करो। मनमनाभव। यह अक्षर भी व्यास ने लिखा है। संस्कृत में तो बाप ने समझाया नहीं है। बाप तो हिन्दी में ही समझाते हैं। बच्चों Read more…
Topic: Soul; मातेश्वरी जी | Mateshwariji “अब जो त्रिमूर्ति, गोला, झाड़, सीढ़ी, लक्ष्मी–नारायण का चित्र और श्रीकृष्ण का चित्र – यह 6 चित्र हैं मुख्य। यह जैसे पूरी प्रदर्शनी है, इनमें सब सार आ जाता है। जैसे नाटक के Read more…