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Tag: पुरुषार्थ | Effort

29th September 2026

(1) यह काम-चिता पर चढ़ना गोया सांप पर चढ़ना है। To sit on the pyre of lust means to sit on a snake. (2) बच्चे भी जानते हैं हमको ड्रामा पुरुषार्थ कराता है, हम जो पुरुषार्थ करते हैं – वह…

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1st August 2026

प्रश्नः-अशरीरी बनने का अभ्यास जो सदा करते रहते, उनकी मुख्य निशानी सुनाओ?उत्तर:-वे हठ से अपनी कर्मेन्द्रियों को वश नहीं करते। लेकिन उनकी कर्मेन्द्रियाँ स्वत: शीतल हो जाती हैं। हम आत्मा भाई-भाई हैं, यह स्मृति स्वत: रहती है। देह-अभिमान छूटता जाता…

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7th June 2026

“आज बापदादा अपने चारों ओर के पूर्वज और पूज्य आत्माओं को देख रहे हैं। पूर्वज आत्मायें अपने को समझते हो ना। पूज्य आत्माओं का निवास कहाँ है? अपने झाड़ को सामने लाओ, उसमें देखो आपका स्थान कहाँ है? जानते हो…

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24th May 2026

Other Topic(s): Meaning of Holi; Anger Original Date: 28th February 2010 “अभी होली में पहले जलाते हैं फिर मनाते हैं। आप भी संगम पर अभी अपने पुराने संस्कार स्वभाव को योग अग्नि में जलाते हो क्योंकि अपने पुराने संस्कार को…

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20th May 2026

“रूहानी बच्चे अर्थात् जीव की आत्मा””You spiritual children, that is, you embodied souls” “अब तुम जानते हो – मुझ आत्मा ने 84 जन्म लिए हैं। संस्कार अच्छे वा बुरे आत्मा में रहते हैं। उन संस्कारों अनुसार शरीर भी ऐसा मिलता…

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10th May 2026

“आप सभी बच्चों का सर्व आत्माओं के प्रति चैलेन्ज है कि हम योगी जीवन वाले हैं। सिर्फ योग लगाने वाले नहीं लेकिन योगी जीवन वाले हैं। जीवन दो चार घण्टे की नहीं होती। जीवन सदाकाल के लिए होती है। तो…

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2nd April 2026

“सारी दुनिया में सबके पास हद की चीज़ें हैं। यह एक ही बाप है जिसके पास बेहद की चीज़ें हैं इसलिए उनकी महिमा भी गाते हैं कि पतित–पावन है, लिबरेटर है, ज्ञान का सागर, आनन्द का सागर है। यह सब…

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23rd March 2026

“पहले–पहले बच्चों को सावधानी मिलती है – बाप को याद करो और वर्से को याद करो। मनमनाभव। यह अक्षर भी व्यास ने लिखा है। संस्कृत में तो बाप ने समझाया नहीं है। बाप तो हिन्दी में ही समझाते हैं। बच्चों…

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15th March 2026

Topic: Effort   “खजाने तो बापदादा द्वारा बहुत अविनाशी प्राप्त हुए हैं। सबसे पहले बड़े ते बड़ा खजाना है ज्ञान धन, जिससे मुक्ति और जीवनमुक्ति की प्राप्ति हुई है। पुरानी देह और पुरानी दुनिया से मुक्त जीवनमुक्त स्थिति और मुक्तिधाम…

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