Waah Drama Waah! Waah Baba Waah!

Key Points From Daily Sakar Vaani and Avyakt Vaani – In Hindi and English

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Tag: आत्मा | Soul

6th May 2026

“उस बाप को याद तो सभी मनुष्य करते हैं, उनको ही परमपिता परमात्मा कहते हैं। ब्रह्मा–विष्णु–शंकर को परमात्मा नहीं कहेंगे और किसको परमात्मा नहीं कह सकते हैं। भल इस समय तुम प्रजापिता ब्रह्मा कहते हो परन्तु प्रजापिता को कभी भक्तिमार्ग Read more…


5th May 2026

“यह शरीर के दो नेत्र तो सबको हैं। तीसरा ज्ञान का नेत्र आत्मा को नहीं है, जिसको दिव्य–चक्षु भी कहते हैं। आत्मा अपने बाप को भूल गई है, इसलिए पुकारते हैं” “Everyone’s body has two physical eyes, but souls do Read more…


4th May 2026

“बापदादा दोनों कहते हैं बच्चे, बाप को याद करो और कहाँ भी बुद्धि योग न जाये। बुद्धि बहुत भटकती है। भक्ति मार्ग में भी ऐसे होता है। श्रीकृष्ण के आगे वा किसी भी देवता के आगे बैठते हैं, माला फेरते Read more…


2nd May 2026

“दुनिया वाले भी अब यह समझ रहे हैं कि अब विनाश का समय है और स्थापना–अर्थ भगवान कहाँ गुप्त वेष में है। अब गुप्त वेष में तो तुम आत्मायें भी हो। आत्मा अलग है, शरीर अलग है। यह मनुष्य चोला Read more…


1st May 2026

“बाप बैठ समझाते हैं – भक्ति मार्ग में बहुत ही भक्ति की डांस की, ज्ञान की डांस नहीं की। भक्ति की डांस जब होती है तो ज्ञान की नहीं। जब ज्ञान की होती है तो भक्ति की नहीं क्योंकि भक्ति Read more…


30th April 2026

“बच्चे जानते हैं वह निराकार जो सभी आत्माओं का बाप है, सर्व का सद्गति दाता है वह हमको पढ़ा रहे हैं। यह सारी रचना उस एक रचता की प्रापर्टी है। तो खुद ही बैठ रचना के आदि–मध्य–अन्त का राज़ समझाते Read more…


28th April 2026

“मैं आत्मा बिन्दी हूँ, हमारा बाप भी बिन्दी है – यह भूल जाते हैं। यह है डिफीकल्ट सब्जेक्ट। अपने को आत्मा भी भूल जाते तो बाप को याद करना भी भूल जाते। देही–अभिमानी बनने का अभ्यास नहीं है। आत्मा बिन्दी Read more…


25th April 2026

“आत्मा अविनाशी है। वह कभी खत्म नहीं होती। आत्मा जो स्टार मिसल है, वह अति सूक्ष्म है। इन आंखों से देखने में नहीं आती है। कर्तव्य सब आत्मा करती है। परन्तु घड़ी–घड़ी देह–अभिमान में आ जाते हैं तो कहते हैं Read more…


24th April 2026

“कहते हैं – अभी तुमको अशरीरी बनना है अर्थात् देह के भान को भूलना है। यह पुरानी दुनिया तो मिट जायेगी। इस शरीर को तो छोड़ना है अर्थात् सबको छोड़ना है क्योंकि यह दुनिया ही खत्म होनी है। तो अब Read more…


IMAGE REPOSITORY

– Understanding The Soul: A Spiritual Framework – Soul: Its Powers And Treasures – Desire: A Tender Crust, A Turbulent Core – The Hunger That Shapes Us – Sanskar and Thought Cycle – A Shackled Mind


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