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Tag: Advanced

Advanced and Deep Murli

8th July 2026

“किसकी याद है? परमपिता परमात्मा शिवबाबा की। उनकी याद में रहने से हमारे जो भी विकर्म हैं, वह भस्म हो जायेंगे और विकर्माजीत बन जायेंगे, जितना जो याद की ड्रिल में रहेंगे। यह आत्मा की ड्रिल है, शरीर की नहीं।”…

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6th July 2026

“हम आत्मा शान्त स्वरूप हैं, दुनिया को पता ही नहीं। हम अपने स्वरूप में टिक जाते हैं, हमारा स्वधर्म है शान्त। हमारी आत्मा शान्त स्वरूप है। उनको यह पता ही नहीं इसलिए शान्ति माँगते हैं। आत्मा कहती है – शान्ति…

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5th June 2026

“आप सभी सवेरे से उठते तो बेफिक्र स्थिति में स्थित होते हो, खाते पीते, कर्म करते कोई फिक्र नहीं। सोते हैं तो भी बेफिक्र, ऐसे बादशाह और बेफिक्र, उठो सोओ, बेफिक्र, ऐसे अनुभव करते हो? क्योंकि आप सबने बाप को…

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3rd July 2026

“बाप आकर तुम बच्चों को तसल्ली देते हैं कि अब थोड़ा धीरज धरो। तुम पापों के बोझ से बहुत भारी हो पड़े हो। अब तुमको पुण्य आत्मा बनाए ऐसी दुनिया में ले जाते हैं, जिसको स्वर्ग कहा जाता है। वहाँ…

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1st July 2026

“अब यह तो बच्चे जानते हैं कि आत्माओं का बाप शिवबाबा है। यह भी तुम जानते हो कि मैं पतित–पावन हूँ, मैं निराकार हूँ। तुम भी निराकार हो, शान्त स्वरूप हो। निराकार बाप भी शान्त स्वरूप है, आत्मा भी शान्त…

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30th June 2026

“बच्चे सब सम्मुख बैठे हैं तो जानते हैं हम जीव आत्मायें हैं। यहाँ तो जीव आत्मायें होंगी ना। जब आत्मा को शरीर नहीं है तो नंगी है, उसको अशरीरी कहा जाता है। तुम तो शरीर के साथ बैठे हो। आत्मा…

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29th June 2026

“हर एक को अपनी दिल से पूछना है कि हम कहाँ तक फूल बने हैं और ज्ञान की खुशबू फैलाते हैं? अपने जैसा फूल किसको बनाया है? यह तो बच्चे जानते हैं – ज्ञान का सागर बाप है, उनकी कितनी…

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25th June 2026

“अपने को आत्मा अशरीरी समझो, अब हमको वापिस जाना है। यह मेहनत बहुत करनी है। सवेरे स्नान आदि करके फिर एकान्त में ऊपर छत पर वा हाल में आकर बैठ जाओ। जितना एकान्त हो उतना अच्छा है। हमेशा यही ख्याल…

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24th June 2026

“आत्मा पर माया का जो बन्धन चढ़ा है, उसे उतारकर प्युअर बनाते हैं और कहते हैं कि मेरा काम है आत्माओं को सर्व बन्धनों से छुड़ा करके वापस ले जाना, तो सृष्टि के जो अनादि नियम और कायदे हैं उन्हें…

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16th June 2026

 “पावन दुनिया है ही शान्तिधाम और सुखधाम। अब सुखधाम और दु:खधाम आधा–आधा है।” “The pure worlds are the land of peace and the land of happiness. There is the land of happiness and the land of sorrow, for each half…

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