Skip to content
Explore the archive

Tag: The Four Yuga (Age) Cycle

2nd November 2026

(1) पहले-पहले भक्ति की जाती है शिवबाबा की, वह है अव्यभिचारी भक्ति। फिर भक्ति भी व्यभिचारी हो जाती है। तो बच्चों को पहले-पहले यह निश्चय होना चाहिए कि जिसको भगवान कहा जाता है वह हमको पढ़ाते हैं। उनको कोई शरीर…

Read article →

23rd October 2026

Other Topic(s): Land of Peace; Heaven; (1) मीठे बच्चे – ब्लड कनेक्शन में ही दु:ख है, तुम्हें उसका त्याग कर आपस में आत्मिक लव रखना है, यही सुख और आनंद का आधार है Sweet children, there is sorrow in blood…

Read article →

4th September 2026

(1) “मीठे बच्चे – इस बेहद के ड्रामा में हीरो हीरोइन का पार्ट तुम्हारा है, बाप का नहीं, बाप के पास सिर्फ पतितों को पावन बनाने का हुनर है” “Sweet children, you, and not the Father, have the parts of…

Read article →

12th August 2026

(1) जब पाप बढ़ते हैं अर्थात् मनुष्य पाप आत्मायें बन जाते हैं तब ही पतित-पावन बाप आते हैं, आकरके पतितों को पावन बनाते हैं। उस बेहद के बाप की ही महिमा है, उसको वृक्षपति भी कहा जाता है। Only when…

Read article →

7th May 2026

“बच्चों को ओम् शान्ति का अर्थ तो बहुत ही बार समझाया है। ओम् यानी मैं कौन? मैं आत्मा। यह शरीर हमारे आरगन्स हैं। मैं आत्मा परमधाम की रहने वाली हूँ।” “The meaning of “Om shanti” has been explained to you…

Read article →