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Tag: मुरली | Murli

30th September 2026

(1) प्रश्नः-संगम पर तुम बच्चों की नेचुरल ब्युटी कौन सी है? उत्तर:-ज्ञान के जेवरों से सदा सजे सजाये रहना – यही तुम्हारी नेचुरल ब्युटी है। जो ज्ञान के जेवरों से सजे हुए रहते हैं उनका चेहरा खुशी में फूल की…

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26th July 2026

“बापदादा हर बच्चे से यही चाहते हैं कि हर एक बच्चा सदा स्वराज्य अधिकारी बनके रहे। कभी–कभी नहीं क्योंकि अभी के स्वराज्य अधिकार का वरदान बाप ने इस संगमयुग के लिए पूरा दिया है, थोड़ा नहीं, कभी–कभी वाला नहीं, सदा।…

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19th July 2026

Other Topic(s): Mind “जैसे और कर्मेन्द्रियों को मेरी कहते हो वैसे ही मन को भी मेरा कहते हो। मेरा कहना अर्थात् मालिक बनो। मन में जो संकल्प करने चाहो, जितना समय वह संकल्प करने चाहो वह बंधा हुआ है क्योंकि…

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14th June 2026

“चेक करना कि तख्त को छोड़ कभी मिट्टी में पांव तो नहीं रखते! 63 जन्म के संस्कार अनुसार देहभान रूपी मिट्टी में पांव रखा। एक है देहभान और दूसरा है देह–अभिमान। देह–अभिमान की मिट्टी गहरी है लेकिन देहभान यह भी…

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10th June 2026

“तुम हो सच्चे–सच्चे रूहानी सैलवेशन आर्मी। सुप्रीम रूह (बाप) डायरेक्शन दे रहे हैं, हूबहू ड्रामा प्लैन अनुसार कल्प पहले मुआफिक। कल्प–कल्प जो डायरेक्शन देते होंगे वही देते हैं। रात–दिन गुह्य सुनाते रहते हैं। नया कोई यह समझ न सके। भल…

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2nd March 2026

Topic: Yog; Remembrance; Murli   “बाप सभी बच्चों को पहले–पहले तो यहाँ बैठ करके लक्ष्य में टिकने के लिए दृष्टि देते हैं कि जैसे मैं शिवबाबा की याद में बैठा हूँ, तुम भी शिवबाबा की याद में बैठो। प्रश्न उठता…

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7th February 2026

Title: Murli; World Cycle; Sato | Rajo | Tamo   “यहाँ तुम बच्चे बैठे हो तुम जानते हो अभी बेहद का बापदादा आया कि आया। यह अवस्था जो तुम्हारी यहाँ रहती है, वह बाहर सेन्टर पर तो रह न सके।…

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