Skip to content
Explore the archive

Tag: माया | Maya

माया | Maya

19th October 2026

Other Topic(s): Difference between Supreme Soul and Soul (1) प्रश्नः-इस बेहद की पुरानी दुनिया से जिन्हें वैराग्य आ चुका है उनकी निशानी क्या होगी? उत्तर:-वह इन आंखों से जो कुछ देखते हैं – वह देखते हुए भी जैसे नहीं देखेंगे।…

Read article →

8th October 2026

(1) जो तुम सूर्यवंशी चन्द्रवंशी थे, सो 84 का चक्र लगाकर शूद्रवंशी बनें। बाप स्मृति दिलाते हैं – तुम विश्व के मालिक थे। तुम 84 जन्म भोग नीचे उतरते, तुच्छ बुद्धि, तमोप्रधान बन गये हो। सतोप्रधान वाले को स्वच्छ ऊंच…

Read article →

1st October 2026

(1) “मीठे बच्चे – माया से डरो मत, भल कितना भी भुलाने की कोशिश करे लेकिन थको नहीं, अमृतवेले उठ याद में रहने का पूरा-पूरा पुरुषार्थ करो” “Sweet children, don’t be afraid of Maya. No matter how much she tries…

Read article →

11th September 2026

(1) बच्चे जानते हैं हम 5 विकारों पर जीत पा रहे हैं। कहा जाता है माया जीते जगत जीत। माया 5 विकारों रूपी रावण को कहा जाता है। माया दुश्मन ठहरी। माया धन सम्पत्ति को नहीं कहा जाता। लिखना भी…

Read article →

10th September 2026

(1) वास्तव में यह अन्धियारा और सवेरा कल्प के इस पुरुषोत्तम संगमयुग पर होता है। अभी अज्ञान अन्धियारा दूर होता है। गाते भी हैं – ज्ञान सूर्य प्रगटा। वह सूर्य तो रोशनी देने वाला है। यह है ज्ञान सूर्य की…

Read article →

27th August 2026

Other Topic(s): Creation and Destruction  (1) रूहानी बच्चों को रूहानी बाप बैठ समझाते हैं इसलिए बच्चों को आत्म-अभिमानी हो बैठना है। ऐसा और कोई जगह समझाया नहीं जाता। कोई भी साधू-सन्त ऐसे नहीं समझाते कि आत्म-अभिमानी हो बैठो। यह एक…

Read article →

26th August 2026

(1) तुम्हारी रूहानी युद्ध है। कभी माया का जोर हो जाता है, कभी ईश्वर का। कभी-कभी तो सर्विस अच्छी तेजी से चलती है। कभी कई बच्चों में माया के विघ्न पड़ जाते हैं। माया एकदम बेहोश कर देती है। लड़ाई…

Read article →

23rd August 2026

(1) बापदादा यही चाहते हैं कि हर बच्चा स्वराज्य अधिकारी राजा बनें। स्व के ऊपर अर्थात् कर्मेन्द्रियों के ऊपर, मन-बुद्धि-संस्कार के ऊपर राजा बन राज्य करे। भविष्य में तो राज्य अधिकारी बनेंगे लेकिन अभी स्वराज्य अधिकारी राजा बनें। कोई भी…

Read article →

18th August 2026

(1) त्रिमूर्ति भी बड़ा क्लीयर है। ऊपर में शिव भी है। ब्रह्मा, विष्णु, शंकर भी है, सूक्ष्मवतन वासी फिर ऊंच ते ऊंच है भगवान। बच्चे भी समझते हैं जहाँ बाप रहते हैं वह है हम आत्माओं के रहने का स्थान,…

Read article →

1st August 2026

प्रश्नः-अशरीरी बनने का अभ्यास जो सदा करते रहते, उनकी मुख्य निशानी सुनाओ?उत्तर:-वे हठ से अपनी कर्मेन्द्रियों को वश नहीं करते। लेकिन उनकी कर्मेन्द्रियाँ स्वत: शीतल हो जाती हैं। हम आत्मा भाई-भाई हैं, यह स्मृति स्वत: रहती है। देह-अभिमान छूटता जाता…

Read article →