17th August 2026
(1) एक था बाबा, एक था दादा। कहानी सुनाते हैं ना – एक था राजा, एक थी रानी। अब यह फिर हैं नई बातें। एक बाबा एक दादा तुम कहेंगे 5 हजार वर्ष पहले भी एक था शिवबाबा, दूसरा था…
Read article →(1) एक था बाबा, एक था दादा। कहानी सुनाते हैं ना – एक था राजा, एक थी रानी। अब यह फिर हैं नई बातें। एक बाबा एक दादा तुम कहेंगे 5 हजार वर्ष पहले भी एक था शिवबाबा, दूसरा था…
Read article →Other Topic(s): Hatha Yoga and Raja Yoga; Body; (1) बाप बच्चों को समझाते हैं कि जिसके योगबल से पाप कटते हैं, उनको खुशी का पारा चढ़ जाता है। अपनी अवस्था को आपेही बच्चे जान सकते हैं। जब अवस्था अच्छी होती…
Read article →“बापदादा ने देखा कोई–कोई बच्चे बहुत अच्छे याद की लगन में, सेवा में लगे हुए हैं। अमृतवेला बहुत अच्छी रीति से अनुभव करते हैं। अशरीरीपन का भी अनुभव करते हैं लेकिन जब कर्मयोगी बनने का समय आता है तो दोनों…
Read article →“सारी दुनिया में सबके पास हद की चीज़ें हैं। यह एक ही बाप है जिसके पास बेहद की चीज़ें हैं इसलिए उनकी महिमा भी गाते हैं कि पतित–पावन है, लिबरेटर है, ज्ञान का सागर, आनन्द का सागर है। यह सब…
Read article →Title: स्वदर्शन चक्रधारी | Spinners of the Discus of Self-Realisation; कर्मातीत अवस्था | Karmateet; आत्मा | Soul “बाप ने समझाया है जब कोई नया आता है तो पहले–पहले उनको हद के और बेहद के बाप का परिचय देना चाहिए।…
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