Waah Drama Waah! Waah Baba Waah!

Key Points From Daily Sakar Vaani and Avyakt Vaani – In Hindi and English

Key Points From Daily Murli – 25th January 2025

 1.     “अभी स्वर्ग की स्थापना हो रही है, हम स्वर्गवासी बनते हैं यह याद रहे तो सदा हर्षितमुख रहेंगे। तुम बच्चों को बहुत खुशी रहनी चाहिए। तुम्हारी एम ऑब्जेक्ट तो ऊंच है ना। हम मनुष्य से देवता, स्वर्गवासी बनते हैं। यह भी तुम ब्राह्मण ही जानते हो कि स्वर्ग की स्थापना हो रही है। यह भी सदैव याद रहना चाहिए। परन्तु माया घड़ी–घड़ी भुला देती है। तकदीर में नहीं है तो सुधरते नहीं। झूठ बोलने की आदत आधाकल्प से पड़ी हुई है, वह निकलती नहीं। झूठ को भी खजाना समझ रखते हैं, छोड़ते ही नहीं तो समझा जाता है इनकी तकदीर ऐसी है। बाप को याद नहीं करते। याद भी तब रहे जब पूरा ममत्व निकल जाये। सारी दुनिया से वैराग्य। मित्र–सम्बन्धियों आदि को देखते हुए जैसेकि देखते ही नहीं। जानते हैं यह सब नर्कवासी, कब्रिस्तानी हैं। यह सब खत्म हो जाने हैं। अब हमको वापिस घर जाना है इसलिए सुखधाम–शान्तिधाम को ही याद करते हैं।”

 

2.    “सृष्टि को तमोप्रधान बनना ही है। सीढ़ी नीचे उतरनी ही है। ड्रामा में जो नूंध है वह होता रहता है। फिर नई दुनिया की स्थापना होनी ही है। साइंस जो अभी सीख रहे हैं, थोड़े वर्ष में बहुत होशियार हो जायेंगे। जिससे फिर वहाँ बहुत अच्छी–अच्छी चीजें बनेंगी। यह साइंस वहाँ सुख देने वाली होगी। यहाँ सुख तो थोड़ा है, दु:ख बहुत है।”

 

3.    “कर्मातीत अवस्था को प्राप्त करने के लिए इस शरीर रूपी दुम को भूल जाना है। एक बाप के सिवाए कोई मित्र–सम्बन्धी आदि याद न आये, यह मेहनत करना है।”

 

4.    “अभी तक प्रकृति द्वारा बनी हुई परिस्थितियां अवस्था को अपनी तरफ कुछ–न–कुछ आकर्षित करती हैं। सबसे ज्यादा अपनी देह के हिसाब–किताब, रहे हुए कर्मभोग के रूप में आने वाली परिस्थिति अपने तरफ आकर्षित करती है – जब यह भी आकर्षण समाप्त हो जाए तब कहेंगे सम्पूर्ण नष्टोमोहा। कोई भी देह की वा देह के दुनिया की परिस्थिति स्थिति को हिला नहीं सके – यही सम्पूर्ण स्टेज है। जब ऐसी स्टेज तक पहुंच जायेंगे तब सेकण्ड में अपने मास्टर सर्वशक्तिमान् स्वरूप में सहज स्थित हो सकेंगे।”

 


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