1. “बाप सिर्फ कहते हैं मनमनाभव अर्थात् अपने को आत्मा समझ मुझे याद करो।”
2. “पापों को भस्म कर पावन होंगे, याद की यात्रा से।”
3. “योग अर्थात् याद की यात्रा।”
4. “अपने को आत्मा समझने से देह का अहंकार बिल्कुल टूट जाता है।”
1. “बाप सिर्फ कहते हैं मनमनाभव अर्थात् अपने को आत्मा समझ मुझे याद करो।”
2. “पापों को भस्म कर पावन होंगे, याद की यात्रा से।”
3. “योग अर्थात् याद की यात्रा।”
4. “अपने को आत्मा समझने से देह का अहंकार बिल्कुल टूट जाता है।”