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Tag: Avyakt Vaani

Avyakt Murli

19th April 2026

“बच्चे बाप से भी बाप द्वारा आगे जाते हैं” “You children go ahead of your Father through the Father” “आज अमृतवेले चारों ओर के बच्चों में एक बात जो ज्ञान का फाउण्डेशन है वह देखा। फाउण्डेशन है निश्चय।” “Today, at…

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12th April 2026

“सर्व प्राप्तियां अर्थात् सदा सन्तुष्ट। सन्तुष्ट आत्मा का वायुमण्डल में भी प्रभाव पड़ता है और सर्व प्राप्तियां हैं परमात्मा की देन। परमात्मा बाप द्वारा सर्व शक्तियां, सर्व गुण, सर्व खजाने प्राप्त की हुई आत्मा सदा सन्तुष्ट रहती है। सन्तुष्ट आत्मा…

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5th April 2026

“आप हर एक बच्चा तीन तख्त के मालिक हो? एक स्वराज्य का तख्त, दूसरा है बापदादा के दिल का तख्त और तीसरा है भविष्य का तख्त। तीनों तख्त के अधिकारी हो। अपने भविष्य तख्त का भी यहाँ ही अभ्यास कर…

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29th March 2026

“खजाने तो बहुत हैं, सबसे पहला खजाना है ज्ञान धन, जिस ज्ञान धन से मालामाल हो गये, महादानी बन औरों को भी बांटते रहते हो। जिस ज्ञान के खजाने से भिन्न–भिन्न बंधनों में फंसी हुई आत्मा, उन सब बंधनों से…

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22nd March 2026

Topic: Soul Conscious   “आज से एक शब्द बदली करो, कौन सा शब्द? जो बार–बार नीचे ले आता है, वह शब्द है – “कारण”। इस कारण शब्द को परिवर्तन कर निवारण शब्द सदा धारण करो क्योंकि अभी आपकी सेवा भी…

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15th March 2026

Topic: Effort   “खजाने तो बापदादा द्वारा बहुत अविनाशी प्राप्त हुए हैं। सबसे पहले बड़े ते बड़ा खजाना है ज्ञान धन, जिससे मुक्ति और जीवनमुक्ति की प्राप्ति हुई है। पुरानी देह और पुरानी दुनिया से मुक्त जीवनमुक्त स्थिति और मुक्तिधाम…

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8th March 2026

“ज्ञान बीज है, लेकिन प्रेम का पानी बीज में प्राप्ति के फल लगा देता है। तो ऐसे बाप के स्नेही बच्चे बाप को याद करना मेहनत नहीं समझते हैं लेकिन भूलना मुश्किल समझते हैं। स्नेही कभी स्नेह को भूल नहीं…

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1st March 2026

“माया अकेले करने की कोशिश करती है लेकिन जो सदा कम्बाइण्ड रहने वाले हैं वह कभी भी अलग हो नहीं सकते क्योंकि माया अलग करके फिर पुराने संस्कारों को इमर्ज करती है और पुराने संस्कार इमर्ज हो जाते हैं तो…

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22nd February 2026

“आज बापदादा चारों ओर के बच्चों के तीन रूप देख रहे हैं – जैसे बाप के तीन रूप जानते हो, ऐसे बच्चों के भी तीन रूप देख रहे हैं। जो इस संगमयुग का लक्ष्य और लक्षण है, पहला स्वरूप ब्राह्मण,…

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15th February 2026

Title: Maya; Shiv Jayanti;   “चारों ओर भक्त भी शिव जयन्ती वा शिवरात्रि कहके मनाते हैं, बड़े प्यार से मनाते हैं बापदादा भक्तों को देख करके भक्तों को भी भक्ति का फल देते हैं। लेकिन आपका मनाना और भक्तों का…

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