12th October 2026
(1) रूहानी बाप के सामने रूहानी बच्चे बैठे हैं, रूहानी पाठशाला में। यह जिस्मानी पाठशाला नहीं है। रूहानी पाठशाला में रूहानी बाप बैठ राजयोग सिखला रहे हैं, रूहानी बच्चों को। तुम बच्चे जानते हो हम फिर से नर से नारायण…
Read article →Advanced and Deep Murli
(1) रूहानी बाप के सामने रूहानी बच्चे बैठे हैं, रूहानी पाठशाला में। यह जिस्मानी पाठशाला नहीं है। रूहानी पाठशाला में रूहानी बाप बैठ राजयोग सिखला रहे हैं, रूहानी बच्चों को। तुम बच्चे जानते हो हम फिर से नर से नारायण…
Read article →(1) मीठे बच्चे – तुम जानते हो कि सभी आत्मायें बेहद के बाप से पढ़ेंगी नहीं लेकिन साथ में जरूर जायेंगी Sweet children, you know that not all souls will study with the unlimited Father. However, they will all definitely…
Read article →(1) यह ज्ञान देते हैं – स्प्रीचुअल फादर। आत्मा को कहा जाता है – स्प्रीचुअल रूह। The spiritual Father gives you this knowledge. A soul is called a spiritual being (spirit). (2) बाप आकर समझाते हैं कि रूहानी बच्चों, तुम…
Read article →Other Topic(s): Old World and New World; Disinterest (1) प्रश्नः-सयाने सेन्सीबुल बच्चे कौन सा पुरुषार्थ करते हुए एक श्रीमत का ध्यान अवश्य रखेंगे? उत्तर:-सेन्सीबुल बच्चे ऊंच पद पाने के लिए निरन्तर याद में रहने का पुरुषार्थ करते हुए सदैव इस…
Read article →(1) प्रश्नः-संगम पर तुम बच्चों की नेचुरल ब्युटी कौन सी है? उत्तर:-ज्ञान के जेवरों से सदा सजे सजाये रहना – यही तुम्हारी नेचुरल ब्युटी है। जो ज्ञान के जेवरों से सजे हुए रहते हैं उनका चेहरा खुशी में फूल की…
Read article →(1) प्रजापिता ब्रह्मा है तो जरूर रचता है, एडाप्ट करते हैं। तुम कुख वंशावली नहीं हो, मुख वंशावली हो। तो मनुष्य कुख वंशावली और मुख वंशावली का अर्थ भी नहीं जानते। मुख वंशावली अर्थात् एडाप्टेड बच्चे। कुख वंशावली अर्थात् जन्म…
Read article →Original Murli Date: 15 December 2011 (1) आप भी हर एक सवेरे से उठते कर्म करते भी बेफिक्र और बादशाह बन चलते हो ना! यह बेफिक्र का जीवन कितना प्यारा लगता है। बेफिक्र की निशानी क्या दिखाई देती है? हर…
Read article →(1) यह घर का घर भी है और युनिवर्सिटी भी है। इसको ही गॉड फादरली वर्ल्ड युनिवर्सिटी कहा जाता है क्योंकि सारी दुनिया के मनुष्य मात्र की सद्गति होती है। रीयल वर्ल्ड युनिवर्सिटी यह है। घर का घर भी है।…
Read article →Other Topic(s): Brothers and Sisters | भाई-बहन; (1) पहली-पहली मुख्य बात है ज्ञान सागर पतित-पावन, गीता ज्ञान दाता शिव भगवानुवाच। उनको यह पता पड़े कि इन्हों को सिखलाने वाला, समझाने वाला कौन है। वह सुप्रीम सोल, ज्ञान सागर निराकार है।…
Read article →(1) बच्चों ने बुलाया, बाप ने रेसपान्ड किया – प्रैक्टिकल में बच्चे क्या कहते हैं कि बाबा आप फिर से रावण राज्य में आ जाओ। अक्षर भी है ना – फिर से माया का परछाया पड़ा है। माया कहा जाता…
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