27th July 2026
“बाप ज्ञान देते हैं सद्गति के लिए। सद्गति कहा जाता है जीवन–मुक्ति धाम को। यह आत्मा को बुद्धि में धारण करना है। हमारा घर शान्तिधाम है। उसको मुक्तिधाम, निर्वाणधाम भी कहा जाता है। सबसे अच्छा नाम है – शान्तिधाम। यहाँ…
Read article →“बाप ज्ञान देते हैं सद्गति के लिए। सद्गति कहा जाता है जीवन–मुक्ति धाम को। यह आत्मा को बुद्धि में धारण करना है। हमारा घर शान्तिधाम है। उसको मुक्तिधाम, निर्वाणधाम भी कहा जाता है। सबसे अच्छा नाम है – शान्तिधाम। यहाँ…
Read article →“ओम् शान्ति। यह किसने कहा? दो बार कहते हैं ओम् शान्ति, ओम् शान्ति। एक शिवबाबा ने कहा, एक ब्रह्मा बाबा ने। यह बापदादा इकट्ठे हैं। तो दोनों को बोलना पड़े ओम् शान्ति, ओम् शान्ति। अब पहले किसने कहा? बाद में…
Read article →“प्रश्नः–देवी देवताओं के कर्म श्रेष्ठ थे, अभी सबके कर्म भ्रष्ट क्यों बने हैं? उत्तर:-क्योंकि अपने असली धर्म को भूल गये हैं। धर्म भूलने के कारण ही जो कर्म करते हैं वह भ्रष्ट होते हैं। बाप तुम्हें अपने सत धर्म की…
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