9th July 2026
“मनुष्य सृष्टि का बीजरूप इसलिए वृक्षपति कहते हैं। बीज ठहरा, तो पति भी ठहरा। वृक्ष के बीज को बाप भी कहेंगे। उनसे वृक्ष उत्पन्न होता है। यह है मनुष्य सृष्टि रूपी झाड़। इनका बीज ऊपर में है। तुम जानते हो…
Read article →“मनुष्य सृष्टि का बीजरूप इसलिए वृक्षपति कहते हैं। बीज ठहरा, तो पति भी ठहरा। वृक्ष के बीज को बाप भी कहेंगे। उनसे वृक्ष उत्पन्न होता है। यह है मनुष्य सृष्टि रूपी झाड़। इनका बीज ऊपर में है। तुम जानते हो…
Read article →“यह है तुम्हारी रूहानी सेना। उस सेना में तो हमेशा जवान ही भरती होते हैं। इस सेना में जवान 14-15 वर्ष के भी हैं तो 90 वर्ष के बूढ़े भी हैं, तो छोटे बच्चे भी हैं। यह सेना है माया…
Read article →“बापदादा ने देखा कोई–कोई बच्चे बहुत अच्छे याद की लगन में, सेवा में लगे हुए हैं। अमृतवेला बहुत अच्छी रीति से अनुभव करते हैं। अशरीरीपन का भी अनुभव करते हैं लेकिन जब कर्मयोगी बनने का समय आता है तो दोनों…
Read article →Title: चार्ट | Chart; आत्मा | Soul “योग पर ही पूरा ध्यान देना है। इस योगबल से तुम बच्चों में ऑटोमेटिकली दैवीगुण आ जाते हैं। बरोबर यह इम्तहान है ही मनुष्य से देवता बनने का। तुम यहाँ आये हो…
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