21st September 2026
(1) तुम बच्चे अभी जानते हो भक्ति अलग चीज़ है, ज्ञान अलग चीज़ है। ज्ञान सुनाने वाला है ही एक और कोई सुना न सके। ज्ञान का सागर एक ही है। वही आकर ज्ञान से पतितों को पावन बनाते हैं।…
Read article →(1) तुम बच्चे अभी जानते हो भक्ति अलग चीज़ है, ज्ञान अलग चीज़ है। ज्ञान सुनाने वाला है ही एक और कोई सुना न सके। ज्ञान का सागर एक ही है। वही आकर ज्ञान से पतितों को पावन बनाते हैं।…
Read article →Original Murli Date: 30 November 2011 Other Topic(s): Three Fortunes; Three Relationships with Baba; (1) आज बापदादा चारों ओर के बच्चों के मस्तक में भाग्य के चमकते हुए सितारे देख रहे हैं। एक जन्म का, दूसरा सम्बन्ध का और तीसरा…
Read article →(1) यह कॉलेज है ना। जैसे स्कूल में स्टूडेन्ट बैठते हैं तो समझते हैं हम टीचर के आगे बैठे हैं। कौन सा इम्तहान पास करने बैठे हैं, वह भी बुद्धि में है। This is a college; it is just like…
Read article →(1) यहाँ तो बाप आकर तुमको पावन बनने की श्रीमत देते हैं। सतयुग को कहा जाता है वाइसलेस दुनिया। इससे सिद्ध है, सतयुग में आने वाले पवित्र जरूर होंगे। सतयुग में भी पवित्र थे, शान्तिधाम में भी आत्मायें पवित्र हैं।…
Read article →(1) तुम कुछ भी कहते हो तो समझते हैं छोटा मुख बड़ी बातें बनाती हैं कि भगवान आया हुआ है। ऐसे तुम बच्चों को सिर्फ कहना नहीं है कि भगवान आया हुआ है, इससे तो कोई समझेंगे नहीं और ही…
Read article →(1) प्रश्नः-बाप समान नॉलेजफुल बनने वाले बच्चों के जीवन की मुख्य धारणा सुनाओ? उत्तर:-वह सदैव मुस्कराते रहते, कभी भी किसी बात में उन्हें रोना नहीं आ सकता। कुछ भी होता है नथिंग न्यु। ऐसे जो अभी नॉलेजफुल अर्थात् रोना प्रूफ…
Read article →(1) एक ही घर में स्त्री पढ़ती है, पुरुष नहीं पढ़ता, बच्चे पढ़ेंगे माँ-बाप नहीं पढ़ेंगे। ऐसे होता रहता है। शुरू में परिवार के परिवार आये। परन्तु माया का तूफान लगने से आश्चर्यवत सुनन्ती, कथन्ती बाप को छोड़ चले गये।…
Read article →(1) दुनिया में एक भी मनुष्य मात्र नहीं जिसको आत्मा का ज्ञान हो। आत्मा का ही ज्ञान नहीं है तो परमपिता परमात्मा का ज्ञान कैसे हो सकता है। Not a single human being in the world has this knowledge of…
Read article →Original Murli Date: 15th November 2011 (1) बापदादा जानते हैं कि अभी तक रेडी हैं एवररेडी बनना पड़े। जो बापदादा ने दो बातें कही थी कि सेकण्ड में फुलस्टॉप लगाने वाले बच्चे चाहिए। व्यर्थ संकल्पों का नाम निशान न रहे।…
Read article →(1) ओम् शान्ति का अर्थ तो रूहानी बाप ने समझाया है। ओम् माना अहम् आत्मा हूँ और मेरा शरीर है। आत्मा तो देखने में नहीं आती है। यह समझ में आता है – मैं आत्मा हूँ, यह मेरा शरीर है।…
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