4th October 2026
Original Murli Date: 31 December 2011 (1) बापदादा ने देखा कि पुराने संसार और सम्बन्ध में छोड़ने में सबका पुरुषार्थ पर अटेन्शन भी है। एक बात जो छोड़ने भी चाहते हैं लेकिन अब तक बापदादा ने देखा कि पुराने संस्कार…
Read article →Original Murli Date: 31 December 2011 (1) बापदादा ने देखा कि पुराने संसार और सम्बन्ध में छोड़ने में सबका पुरुषार्थ पर अटेन्शन भी है। एक बात जो छोड़ने भी चाहते हैं लेकिन अब तक बापदादा ने देखा कि पुराने संस्कार…
Read article →“बापदादा हर बच्चे से यही चाहते हैं कि हर एक बच्चा सदा स्वराज्य अधिकारी बनके रहे। कभी–कभी नहीं क्योंकि अभी के स्वराज्य अधिकार का वरदान बाप ने इस संगमयुग के लिए पूरा दिया है, थोड़ा नहीं, कभी–कभी वाला नहीं, सदा।…
Read article →– Understanding The Soul: A Spiritual Framework – Soul: Its Powers And Treasures – Desire: A Tender Crust, A Turbulent Core – The Hunger That Shapes Us – Sanskar and Thought Cycle – A Shackled Mind
Read article →Title: Drama; Soul; Maya; Sanskar “तुम बच्चों को कोई महिमा नहीं करनी है। बच्चे बाप की कभी महिमा नहीं करते। बाप जानते हैं यह हमारे बच्चे हैं। बच्चे जानते हैं यह हमारा बाबा है। अभी यह बेहद की बात…
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