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Tag: ड्रामा | Drama

2nd May 2026

“दुनिया वाले भी अब यह समझ रहे हैं कि अब विनाश का समय है और स्थापना–अर्थ भगवान कहाँ गुप्त वेष में है। अब गुप्त वेष में तो तुम आत्मायें भी हो। आत्मा अलग है, शरीर अलग है। यह मनुष्य चोला…

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21st April 2026

“तुम बच्चों को अभी धीरज आ गया है। तुम जानते हो हमारा मर्तबा कितना ऊंच है वा कम है।” “You children have now developed patience. You know how elevated or low your status is” “बाप तो कहते हैं कि बच्चों…

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16th April 2026

“प्रश्नः–देवी देवताओं के कर्म श्रेष्ठ थे, अभी सबके कर्म भ्रष्ट क्यों बने हैं? उत्तर:-क्योंकि अपने असली धर्म को भूल गये हैं। धर्म भूलने के कारण ही जो कर्म करते हैं वह भ्रष्ट होते हैं। बाप तुम्हें अपने सत धर्म की…

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14th April 2026

“तुम बच्चों को बाबा बहुत सहज बात बताते हैं, बरोबर यहाँ भारत में ही स्वर्ग था। लक्ष्मी–नारायण का राज्य था। चित्र भी हैं, यह तो सब मानेंगे कि सतयुग में उन्हों का राज्य था। वहाँ कोई दु:खी नहीं था, सम्पूर्ण…

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11th April 2026

Topic(s): Advanced; Mind; Service; Knowledge; Shrimat; Patience “हर एक पुरुषार्थी बच्चे को पहले अन्तर्मुख अवस्था अवश्य धारण करनी है। अन्तर्मुखता में बड़ा ही कल्याण समाया हुआ है, इस अवस्था से ही अचल, स्थिर, धैर्यवत, निर्मान–चित्त इत्यादि दैवी गुणों की धारणा…

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10th April 2026

“ज्ञान और अज्ञान दो चीजें होती हैं। ज्ञान को कहा जाता है दिन, अज्ञान को रात। घोर सोझरा और घोर अन्धियारा कहा जाता है। सोझरा माना राइज़, अन्धियारा माना फाल।” “There are the two things: knowledge and ignorance. Knowledge is…

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7th April 2026

“ओम् शान्ति। बाप ने बच्चों को समझाया है – तुम भी कहते हो ओम् शान्ति। बाप भी कहते हैं ओम् शान्ति अर्थात् तुम आत्मायें शान्त स्वरूप हो। बाप भी शान्त स्वरूप है, आत्मा का स्वधर्म शान्त है। परमात्मा का भी…

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6th April 2026

“तुम बच्चों की बुद्धि में अब सारा ज्ञान है। बच्चे जानते हैं हम सृष्टि के आदि–मध्य–अन्त को जानते हैं। बाकी अन्त का थोड़ा टुकड़ा है, जिसको भी जान जायेंगे। बाबा पहले से ही सब कैसे बता दे, बाप कहते हैं…

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23rd March 2026

“पहले–पहले बच्चों को सावधानी मिलती है – बाप को याद करो और वर्से को याद करो। मनमनाभव। यह अक्षर भी व्यास ने लिखा है। संस्कृत में तो बाप ने समझाया नहीं है। बाप तो हिन्दी में ही समझाते हैं। बच्चों…

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Is the Divine Drama Beyond Human Comprehension?

Bathypelagic fish are species that inhabit the bathypelagic zone of the ocean – roughly 1,000 to 4,000 meters below the surface – where sunlight never arrives. This region, often called the “midnight zone”, is marked by pitch-black darkness, immense pressure,…

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