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Category: सृष्टि चक्र | World Cycle

14th March 2026

Topic: Om Shanti; Shiv Baba; World Cycle; Advanced   “बहुत लोग कहते हैं ओम् शान्ति अर्थात् अपनी आत्मा की पहचान देते हैं। परन्तु खुद समझ नहीं सकते। ओम् शान्ति का अर्थ बहुत निकालते हैं। कोई कहते हैं ओम् माना भगवान।…

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12th March 2026

“एक तो बाप कहते हैं मेरे द्वारा ही बच्चे मुझे जान सकते हैं। फिर मेरे द्वारा सब कुछ जान जाते हैं। सृष्टि के आदि मध्य अन्त का जो खेल है, उनको समझ जाते हैं। और कोई भी नहीं जानते और…

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28th February 2026

“आपस में बैठ राय करनी चाहिए कि इन प्रदर्शनी के चित्रों द्वारा हम ऐसी क्या एडवरटाइजमेंट करें, जो अखबार में भी चित्र दें, आपस में इस पर सेमीनार करना चाहिए।” “Sit and discuss among yourselves how you can advertise this…

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10th February 2026

Title: Soul; World Cycle   “ओम् शान्ति का अर्थ तो रूहानी बाप ने रूहानी बच्चों को समझाया है। ओम् माना मैं आत्मा हूँ और यह मेरा शरीर है। आत्मा तो देखने में नहीं आती है। आत्मा में ही अच्छे वा…

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9th February 2026

Title: Soul; World Cycle; बापदादा | BapDada    “बाप, दादा द्वारा अर्थात् शिवबाबा ब्रह्मा दादा द्वारा समझाते हैं, यह पक्का कर लो। लौकिक संबंध में बाप अलग, दादा अलग होता है। बाप से दादा का वर्सा मिलता है। कहते हैं…

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7th February 2026

Title: Murli; World Cycle; Sato | Rajo | Tamo   “यहाँ तुम बच्चे बैठे हो तुम जानते हो अभी बेहद का बापदादा आया कि आया। यह अवस्था जो तुम्हारी यहाँ रहती है, वह बाहर सेन्टर पर तो रह न सके।…

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6th February 2026

Title: Soul; World Cycle; Drama   “जैसे आत्मा गुप्त है और शरीर प्रत्यक्ष है। आत्मा इन आंखों से देखने में नहीं आती है, इनकागनीटो है। है जरूर परन्तु इस शरीर से ढकी हुई है इसलिए कहा जाता है आत्मा गुप्त…

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5th February 2026

Title: World Cycle; Soul   “हिन्दू कोई धर्म नहीं है। धर्म मुख्य हैं चार। पहले हैं आदि सनातन देवी–देवता धर्म। सूर्यवंशी और चन्द्रवंशी दोनों को मिलाकर कहा जाता है देवी–देवता धर्म, डीटीज्म। वहाँ दु:ख का नाम नहीं था। 21 जन्म…

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29th January 2026

Title: Remembrance; Soul; Knowledge; World Cycle   “याद का अर्थ भी समझना है। आत्मा याद करती है अपने स्वीट बाप को। बाप खुद कहते हैं – बच्चे, मुझे याद करने से तुम सतोप्रधान देवता बन जायेंगे। सारा मदार याद की…

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28th January 2026

Title: World Cycle; Confluence Age   “यह साकार है, वह निराकार है। सृष्टि भी यहाँ ही है। इस सृष्टि का ही चक्र है जो फिरता रहता है, रिपीट होता रहता है। सूक्ष्मवतन की सृष्टि का चक्र नहीं गाया जाता है।…

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