27th July 2026
“बाप ज्ञान देते हैं सद्गति के लिए। सद्गति कहा जाता है जीवन–मुक्ति धाम को। यह आत्मा को बुद्धि में धारण करना है। हमारा घर शान्तिधाम है। उसको मुक्तिधाम, निर्वाणधाम भी कहा जाता है। सबसे अच्छा नाम है – शान्तिधाम। यहाँ…
Read article →“बाप ज्ञान देते हैं सद्गति के लिए। सद्गति कहा जाता है जीवन–मुक्ति धाम को। यह आत्मा को बुद्धि में धारण करना है। हमारा घर शान्तिधाम है। उसको मुक्तिधाम, निर्वाणधाम भी कहा जाता है। सबसे अच्छा नाम है – शान्तिधाम। यहाँ…
Read article →“सतयुग–त्रेता में सब पूज्य होते हैं। वहाँ पूजा वा भक्ति कोई होती नहीं फिर द्वापर में जब भक्ति मार्ग शुरू होता है तो यथा राजा–रानी तथा प्रजा पुजारी, भगत बन जाते हैं। बड़े से बड़ा राजा जो सूर्यवंशी पूज्य था,…
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